17.5 C
Munich
Monday, September 21, 2026

ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी, नेवी चीफ ने बताई नौसेना की ताकत; कहा- समुद्र में नहीं आ पाई पाकिस्तानी…

Must read


नई दिल्ली: नौसेना दिवस के मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने समारोह की शुरुआत 1971 के युद्ध की ऐतिहासिक उपलब्धियों को याद करते हुए की. उन्होंने बताया कि कैसे 4 दिसंबर 1971 को भारतीय नौसेना ने कराची पर साहसिक और निर्णायक हमले किए थे, जिसने युद्ध की दिशा बदल दी थी. एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना की उस सफल कार्रवाई ने न सिर्फ दुश्मन की समुद्री क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया, बल्कि भारतीय सैन्य इतिहास में एक नए विजयी अध्याय की नींव रखी.

उन्होंने आगे कहा कि उसी जज़्बे और वीरता के साथ आज की भारतीय नौसेना भी आधुनिक तकनीक, नई शक्ति और बढ़ती समुद्री जिम्मेदारियों के साथ देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध है. नेवी चीफ ने कहा कि दुनिया की बहुत सारी मर्चेंट शिप अब पाकिस्तानी सी एरिया में नहीं जाती हैं. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है. एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि कैरीयर बैटल ग्रुप ने पाक नौसेना को बंदरगाहों में रहने को मजबूर किया.

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है और भारतीय नौसेना क्षेत्र में पूरी सतर्कता बनाए हुए है. उन्होंने बताया कि मौजूदा हालात में भारतीय नौसेना की तैनाती और तैयारियां लगातार मजबूत की जा रही हैं. एडमिरल त्रिपाठी ने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना के कैरीयर बैटल ग्रुप (CBG) की प्रभावशाली मौजूदगी ने पाकिस्तान नौसेना को बंदरगाहों में सीमित होने पर मजबूर कर दिया.

उन्होंने कहा कि कैरीयर बैटल ग्रुप की तैनाती ऐसी थी कि पाकिस्तानी नौसेना समुद्र में निकल ही नहीं पाई. वे बंदरगाहों में ही रहे और बाहर आने की हिम्मत नहीं कर सके. नौसेना प्रमुख के अनुसार, यह भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल क्षमता, समुद्री प्रभुत्व और रणनीतिक बढ़त का स्पष्ट संकेत है. उन्होंने जोर दिया कि भारत हर हाल में समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत का सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ा. उनके अनुसार, कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने पाकिस्तानी बंदरगाहों से दूरी बना ली, जिससे बीमा प्रीमियम बढ़ गया और समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ.

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने कहा कि 2008 से अदन की खाड़ी में नौसेना का एक युद्धपोत लगातार तैनात किया जा रहा है. अब तक 138 युद्धपोतों की तैनाती की जा चुकी है और भारतीय नौसेना ने 7,800 व्यापारी जहाज़ों को सुरक्षित एस्कॉर्ट किया है. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती से निपटने के लिए भारतीय नौसेना लगातार अभियान चला रही है. नवंबर 2023 से अब तक 62 समुद्री डाकू जहाज़ पकड़े 40 संदिग्ध पोत रोके 30 से अधिक घटनाओं को सफलतापूर्वक संभाला 520 लोगों की जान बचाई.

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि पिछले नेवी डे से अब तक भारतीय नौसेना ने 11,000 शिप डेज़ और 50,000 फ्लाइंग आवर्स पूरे किए हैं. उन्होंने इसे नौसेना की सतत तैनाती, तैयारियों और मजबूत ऑपरेशनल क्षमता का प्रतीक बताया.

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article