13.7 C
Munich
Wednesday, March 25, 2026

बारामती विमान हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन

Must read


बारामती। सिविल एविएशन मंत्रालय ने 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। मंत्रालय के बयान के अनुसार, AAIB की टीम ने मुंबई कार्यालय के DGCA की तीन सदस्यीय टीम के साथ हादसे वाले दिन ही दुर्घटना स्थल पर जाकर जांच शुरू कर दी। इस दौरान AAIB के महानिदेशक ने भी जहाज के घटनास्थल का दौरा किया। बता दें कि इस हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और अन्य चार लोगों की मौत हुई है।

घटनास्थल की जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, जिन्हें ब्लैक बॉक्स कहा जाता है, बरामद कर लिए गए हैं। इनकी जांच से ही पता चलेगा कि यह बड़ा हादसा कैसे हुआ। अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच में टीम मुख्य रूप से विजिबिलिटी की स्थिति, पायलट के निर्णय और बारामती जैसे अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड पर संचालन की सीमाओं पर ध्यान दे रही है। टीम ने फॉरेंसिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं, जिनमें विमान का मलबा सुरक्षित करना और महत्वपूर्ण साक्ष्य इकट्ठा करना शामिल है।

 

टीम ने एयरफ्रेम और इंजन लॉगबुक, रखरखाव रिकॉर्ड, निरीक्षण इतिहास, वर्क ऑर्डर और ऑनबोर्ड दस्तावेज दिल्ली स्थित VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड से मांगे हैं। DGCA से क्रू की योग्यता रिकॉर्ड और विमान प्रमाणन दस्तावेज भी प्राप्त किए जा रहे हैं। सिविल एविएशन मंत्रालय के अनुसार, विमान सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुआ और 8:18 बजे बारामती एयरफील्ड से संपर्क स्थापित किया। रनवे 11 पर पहली अप्रोच के दौरान, क्रू ने बताया कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है और उन्होंने स्टैंडर्ड गो-अराउंड किया। इसके बाद विमान ने दोबारा पोजिशनिंग के बाद एयरफील्ड को सूचित किया कि जब रनवे दिखाई देगा, तब रिपोर्ट करेंगे। 8:43 बजे विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई, लेकिन कोई फीडबैक प्राप्त नहीं हुआ। लगभग एक मिनट बाद, एयरफील्ड कर्मियों ने रनवे थ्रेशोल्ड के पास आग देखी और कंट्रोल रूम को सूचित किया।

केंद्रीय सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि प्रारंभिक संकेत खराब विजिबिलिटी की ओर इशारा करते हैं, लेकिन जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘AAIB सक्षम प्राधिकरण है और पारदर्शी एवं उत्तरदायी जांच के माध्यम से तथ्य स्थापित करेगा।’ DGCA ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में कहा कि क्रू को विजुअल मौसमीय परिस्थितियों (VMC) में उतरने की सलाह दी गई थी, जिसमें अनुमानित दृश्यता लगभग 3,000 मीटर और हवा शांत थी।

वहीं, VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विजय कुमार सिंह ने कहा कि विमान का रखरखाव सही था और यह उड़ान के योग्य था। उन्होंने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार कोई तकनीकी दोष नहीं था। पायलट ने विजिबिलिटी के कारण मिस्ड अप्रोच लिया और दूसरी लैंडिंग का प्रयास किया। जिससे यह दुर्घटना हुई।’ सिंह ने बताया कि विमान के कप्तान के पास 16,000 घंटे से अधिक के उड़ान का अनुभव था, जबकि सह-पायलट के पास लगभग 1,500 घंटे का अनुभव था।

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article